Religion

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Religion

Today there are many religions present in our world. That has been set up by different people. Establishment of Christianity by Jesus Christ, Islam by Hazrat Mohammed Prophet, Jewism by Hazrat Musa, Buddha founded the Buddhism, Mahavir Swami founded jain religion, Guru Nanak founded sikhism.

Perhaps the purpose of all these was the same, Unity and Love. But today it seems that they all made a mistake by establishing different Religions. If today there were no different religions, we would all be happy. Today, in the name of religion, caste, race, province, we are terrorising each other. Today the situation which has arisen amongst us, for that who is responsible ? We or our religious monks & saints ?

Even today there are people LIKE Ramdas, Ashaaram, Radhe Maa, Ram Rahim, making their own religion, who should be stopped by the government As they are stopping above people. Or else we all will be separated. The whole world will be free of violence, racism, and all differences. There should be only one Religion “LOVE, UNITY, HUMANITY.”

धर्म

आज हमारे बिच दुनिया में बहोत सारे अलग अलग धर्म मौजूद है| जिनकी स्थापना अलग अलग लोगो ने की. क्रिश्चियनिटी की स्थापना इसा मसीह ने की, इस्लाम की स्थापना हज़रत मोहमद पैगम्बर ने की, यहूदी की स्थापना हज़रत मूसा ने की, बोद्ध धर्म की स्थापना बु द्ध ने की, जैन धर्म की स्थापना महावीर स्वामी ने की, तो शिख धर्म की स्थापना गुरु नानक ने की.

शायद इन सबका उदेश्य एक ही था, एकता और प्रेम। पर आज अगर देखा जाये तो लगता है इन सब ने अलग अलग धर्म की स्थापना करके गलती की। क्यों की आज प्रेम एकता तो हे ही नहीं। आज  अगर अलग अलग धर्म नहीं होते तो आज हम अलग अलग नहीं होते, आज हम सब एक होते, और खुश होते। आज इसका परिणाम कुछ और आ रहा है. सब धर्म के नाम पर जातिवाद, प्रांतवाद, आतंकवाद, धर्म के नाम पर हिंसा, एक दूसरे को मारना काटना, क्या इन सब के लिए की थी अलग धर्म की स्थापना ? तो आज जो परिस्थिति हमारे बिच उत्प्पन हुई हे उसके लिए जिम्मेदार कौन? हम सब या हमारे धर्मगुरु जिन्होंने हमें ये धर्म दिया ?

आज भी दुनिया में अलग अलग सम्प्रदाय,अलग अलग बाबा, रामदास,आशाराम,राधे माँ,राम रहीम, जैसे लोग है जैसे इनको सरकार ने रोका हे वैसे दूसरे सम्प्रदाय को भी सरकार को बंद कर देना चाहिए उससे पहले वो अपना अलग धर्म बना ले| नहीं तो जो हे वो भी अलग हो जायेंगे। पूरी दुनिया में ये प्रांतवाद, जातिवाद, बंद हो जाना चाहिए। बस एक ही धर्म-प्रेम, एकता, इंसानियत होनी चाहिए।

7 Comments

  1. Dharamguru were not responsible for the establishment but we are the people who are responsible becoz of selfish thought, corruption, taking exploitation in the name of religion . Bcoz all of this terrorism, racism,casteism arises.

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