HORROR BHANGADH FORT

Spread the love

ONE OF THE MOST HAUNTED PLACES OF INDIA – BHANGADH FORT


Details of Bhangadh

The fort of Bhangadh is located in Alwar, Rajasthan. This fort was built by Lord King Bhagwant Das of Omer in 1573 AD. It is famous for its magnificent architecture, which is very big and surrounded by hills from all the sides. This fort consists temples of Lord Shiva, Hanuman, Someshwar, Gopinath, Mangaladevi, Keshavaraya. Looking at the carvings on the pillars of these temples – it seems that these are the best specimens of sculpture. There are five gates in this fort and the main wall is made of strong rocks.

Story of Bhangadh


Bhangadh Fort is as spectacular as its horrifying past. Ratnawali, the princess of Bhangadh, was as beautiful as Ratan(Gems), just like the name. The whole country was discussing about her beauty. So many Prince were yearning to get married to her. The princess was only 18 years old. Once she goes out to roam the market outside the fort with her female friends. The princess went to a perfume shop. She was smelling the scent of perfume, then only a distance from there, a tantrik named Sindhiya Sevda was going crazy seeing her form as if she was drinking the form of Ratnavali with his eyes. Sindhiya Sevda was the known tantrik of the same state. He could not control himself by looking at the form of the Princess, so he put the vasikaran(hypnotise) name black magic in the perfume bottle.

This thing was seen by one of the trustworthy person of the Princess and she told to the Princess and the Princess slammed the bottle on the big rock and all the perfume of the bottle fell on the rock and the rock went back to Tantric and crushed the Tantric; but at the end time when Tantric was dying; he cursed all the people living in the fort – that all the people will die and they will never be born and their soul will wander in this fort.

A few days after the death of Tantric, there was a war in Bhangadh and Ajabgarh and in the meantime, all the people of the fort died with the Queen. It is said that the Princess and other souls of the other people revolve around that fort. Even today, the sound of screaming from that fort, the sound of the sword of the sword, the voice of ladies crying, the sound of bangles is heard even today. Even today after sunset it is forbidden to go there and the one who goes there does not return.

 

Today the Bhangadh fort is supervised by the team of Archaeological Survey of India, which lives around the fort, but his office is also located at a distance from the fort, while at other places, offices of that team remain in the forts only. Many people come to roam there, but even today after 5 o’clock no one would stop there.

 


भारत की सब से डरावनी जगह भानगढ़ का किला


भानगढ़ का वर्णन

भानगढ़ का किला राजस्थान के अलवर में स्थित हे| इस किले का निर्माण ओमेर के राजा भगवंत दास ने1573 सदी में करवाया था| जो इस की शानदार बनावट के लिए मशहूर हे| जो बहोत ही बड़ा है और चारो तरफ से पहाडिओ से घिरा हुआ है| इस किले में भगवान शिव, हनुमान, सोमेश्वर, गोपीनाथ, मंगलादेवी, केशवराय, के मंदिर हे| इन मंदिरो के खम्भों की नकाशी देखकर लगता हे ये शिल्पकला के उत्तम नमूने हे| इस किले के पांच द्वार हे और एक मुख्य दीवार मजबूत पथ्थरो से बनाई गई हे|

भानगढ़ की कहानी


भानगढ़ किला जितना भव्य हे उतना ही डरावना उसका अतीत हे| भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावली जो नाम की तरह ही रतन के सामान खूबसूरत थी| देश के कौन कौन में उसके रूप के चर्चे थे| कितने राजकुमार उससे विवाह के लिए तड़प रहे थे| राजकुमारी की उम्र महज १८ साल की थी| एक बार वो अपनी सखिओ के साथ किले के बहार बाजार में घूम ने के लिए निकलती हे| राजकुमारी एक इत्र की दुकान पर रूकती हे| वो एक इत्र की बोतल को लेकर उसकी खुशबु ले रही थी तभी वहा से कुछ ही दुरी पर एक सिंधिया सेवड़ा नाम का तांत्रिक उनके रूप को देखकर पागल हो रहा था मानो वो उसकी आँखों से रत्नावली के रूप को पि रहा था| सिंधिया सेवड़ा उसी राज्य का जानामाना तांत्रिक था| वो राजकुमारी क्र रूप को देखकर अपने आप को काबू नहीं कर पाया और बिना सोचे समजे राजकुमारी के हाथ में जो इत्र की बॉटल थी उस पर वशीकरण नाम का काला जादू कर दिया|
ये बात राजकुमारी के विश्वशनीय ने देख ली और राजकुमारी को बता दिया और राजकुमारी ने वो बॉटल बड़ी चट्टान पर पटक दी बॉटल का सारा इत्र चट्टान पर गिर गया और वो पथ्थर तांत्रिक क पीछे ही चल दिया और तांत्रिक को कुचल दिया पर अंत समय पर मरने से पहले तांत्रिक ने शाप दिया के किले में रहने वाले सारे लोगो की मौत हो जाएगी और वो कभी भी जन्म नहीं ले पाएंगे और उनकी आत्मा इसी किले में भटकती रहेगी|
तांत्रिक के मौत के कुछ ही दिन बाद भानगढ़ और अजबगढ़ में युद्ध हो गया और उसमे रानी के साथ किले के सारे लोगो की मौत हो गई| और कहा जाता है आज भी उस किले में राजकुमारी और बाकि लोगो की आत्माए वहा पर घूमती हे| और आज भी उस किले से चीखने की आवाज़, तलवारो की खनक ने की आवाज़, स्रियो के रोने की आवाज़, चूडियो के खनक ने की आवाज़, आज भी सुनाई पड़ती हे| आज भी सूर्यास्त के बाद वहा जाना मना है और वहा पर कोई नहीं जाता जो जाता हे वो वापस नही लौटता|
आज भानगढ़ किले की देखरेख आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया की टीम कर रही हे जो किले के चारो तरफ रहती हे लेकिन उनका ऑफिस भी किले से थोड़ी दुरी पर हे जबकि बाकी किलो में किले में ही उनका ऑफिस रहता हे| आज भी वहा पर घूमने के लिए कई सारे लोग आते मगर पांच बजे के बाद वहा कोई नहीं रुकता|

 

10 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.